हर किसी को अपनी वह एकतरफा मोहब्बत (कुछ ने दो तरफ भी कर ली होगी ) याद होगी। जब आप गर्मी की छुट्टियों में मामा/नाना/फूफा/मौसी/मौसा के यहाँ जाया करते थे या फिर आपके मोहल्ले की रौनक कुछ समय के लिए बढ़ जाया करती थी। आपके पड़ोस में शर्मा/वर्मा/दुबे जी के यहाँ वह फूल हर वर्ष उसी वक्त पर खिल जाया करता था। जिसका आप पूरे साल इंतज़ार किया करते थे। ऐसा कुछ मेरे साथ भी होता था।

क्या पता था कल की अमावस की घनघोर अँधेरी रात के बाद आज मेरा नव चाँद दिखाई पड़ेगा। वह नव चाँद जो मेरे लिए आज से एक वर्ष पूर्व खिला था। जी हाँ!! आपका चाँद हर रोज निकलता होगा परंतु मेरा चाँद एक साल बाद खिलता था। मुझे क्या पता था, मेरी दसवीं के परीक्षा के दिन जितने कठिन थे, उतने ही हसीं दिन आने वाले है। जब गर्मियों की छुट्टी में दुबे जी की दीदी की बिटिया घूमने के लिए अपने मामा के यहाँ आती । हर बार की तरह जैसे ही मैंने उसे देखा, मुस्कराहट खिल गयी, मेरे रोम रोम में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी। दौड़कर अपने दोस्त को यह बात बता आया और उसे पार्टी भी दे आया।

अब दुबे जी का बेटा जो नाक पोछा करता था और मैं उसे दूर से देखते ही दुत्कार देता था ‘जा पहले नाक पोछ कर आ। ‘ एक दम से ख़ास लगने लगा था। एकदम खासमखास!! बिलकुल सच्चा वाले यार !! जिस लड़के को क्रिकेट में बारहवें खिलाड़ी के रूप में रखा जाता और सिर्फ पानी पिलाने के काम आता था। एकदम से उससे ओपनिंग करवाई जाने लगी थी। और हारने पर भी दोष उसे नहीं दिया जाता और यह कहकर भुला दिया जाता ‘साला है! छोडो’

राज कॉमिक्स की ऐसी कोई सीरीज नहीं होगी, नागराज, डोगा, चाचा चौधरी सब यहाँ तक कि धड़कन, दूल्हे राजा की कैसेट भी खरीदकर देनी पड़ती थी। एकदम से सब फ्री में उसे पढ़ने को मिलने लगा था। यही तो उसके घर जाने का बहाना होता था। इसी बहाने उस चाँद के हाथो की चाय भी कभी कभी मिल जाया करती थी। सच बताऊँ,धड़कन और दूल्हे राजा फिल्म की फरमाइस उस चाँद ने ही की थी।

ये दिन उस छोटू के लिए हनीमून वाले दिन होते। उसे भी समझ न आता कि बिना मोदी सरकार आये, हर साल इसी वक्त पर उसके अच्छे दिन कैसे आजाते है?

खैर, रात को जब वह छोटे से चाँद की रौशनी पर ऊपर खड़ी होकर उस छोटू या भाई के साथ पकड़म पकड़ाई खेला करती तो दौड़ते वक्त बीच में तिरक्षी निगाहों से देख लेने भर से मेरा छत पर खड़े होने का पैसा वसूल हो जाता। मेरा दोस्त जो मेरे साथ रहता, वह हमेशा कहता ‘तुझसे प्यार करती है बे!! तेरी तरफ देख रही है। ‘ सिर्फ देख लेने भर में वह ख़ुशी मिल जाती, जो शायद आईएएस निकालने के बाद भी न मिले।

जब वह कुछ देर बाद खड़ी हो जाती। तो वह इतनी गोरी थी कि इस दूधिया रौशनी में उसके दाएं गाल का छोटा सा तिल बड़ी आसानी से दिख जाता। ठीक चाँद की तरह मेरे चाँद पर भी दाग शोभायमान था।

जैसे जैसे चाँद बड़ा होता जाता! वैसे वैसे हम दोनों की मोहब्बत बढ़ती जाती!! पूर्णिमा के दिन, हम दोनों की मोहब्बत उफान पर होती। उस दिन कोई न था !! सिर्फ अपनी छत पर मैं और दुबे जी की छत पर वह! मैं उसकी तरफ निहारता जैसे ही मैं उसकी तरफ निहारता, वह मुस्कुराकर सर हिलाते हुए आगे बढ़ जाती। मैं तरह तरह की हरकते करता, वह देखती और सिर्फ मुस्कुराती !! आज उसके यहाँ कोई छोटा बच्चा आया था। उसने चिल्लाकर अपने उसी भाई से उस बच्चे को मंगाया!! अब वह मुझे दिखा दिखा कर उसे प्यार-दुलार करने लगी, पुचकारने लगी!! जैसे वह यह जता रही हो कि अगर आज ‘तुम मेरे पास होते तो शायद यही प्यार दुलार तुम्हे भी मिलता!!!’

पर खुदा को कुछ और मंजूर था। अब चाँद छोटा होने लगा था, जैसे जैसे चाँद छोटा हो रहा था, उसके जाने का वक्त नजदीक आता जा रहा था। मेरे दिल की धड़कने बढ़ने लगी थी। अब हर रोज चाँद उसके जाने की सूचना देने लगा था। अब कुछ ही दिन बचे थे, अमावस की रात के।

आखिर वह अमावस्या की काली रात आ ही गयी। जिस रात उसे जाना था। वह छत पर आयी, पर उसके चेहरे में मुस्कराहट नहीं थी, वह ढंग से दिख भी नही रही थी। शायद वह मुझे बाय बोलने आयी थी। कोई इशारा न होता, बस एक दुसरे को देख लेने भर से यह अनुमान लगा लेते थे कि वह मुझसे विदा लेने आयी थी। मेरा चेहरा कुछ ऐसा बनता कि एक हफ्ते और रुक जाती तो क्या चला जाता ? वह अपने बॉडी लैंग्वेज से ऐसे शो करती जैसे अब वक्त आगया है, चाँद भी ढल गया है। मुझे जाना होगा!! फिर मिलेंगे एक साल बाद!! यहीं पर इसी वक्त जब तुम्हारा चाँद फिर से उफान भरेगा!! उम्मीद है अगली बार उस बच्च्चे की जगह तुम लोगे!!

और वह चली जाती, छोड़कर मुझे!!इसी अमावस की काली रात में। मैं कुछ कर ना पाता!! न ही दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे वाले शाहरुख बन पाता और न ही दूल्हे राजा वाला गोविंदा!! बस आँखों में गूंजता रहता उसका चाचा चौधरी के सपोर्टर ‘साबू’ को ‘शाबू’ बोलना!!

मुझे पता था, आज की अँधेरी रात के बाद !! एक साल मेरा चाँद नहीं निकलेगा !! बस कल सुबह झोला लेकर स्कूल और फिर वापस!! सिर्फ इस आशा में कि एक साल बाद मेरा चाँद फिर से खिलेगा!!