भगवंत अनमोल हिंदी के बेस्ट सेल्लिंग लेखक है. वह उन चुनिंदा लेखको में से है जो हर वर्ग के पाठको द्वारा हाथों-हाथ लिए जा रहे है. हाल ही में राजपाल एंड संज द्वारा प्रकाशित किन्नर जीवन पर उनका तीसरा उपन्यास ‘ज़िन्दगी 50-50’  ख़ासा चर्चित है. इस पुस्तक को हर तरह के पाठको एवं आलोचको का भरपूर प्यार मिल रहा है. यह उपन्यास लगातार तीन बार से दैनिक जागरण की बेस्ट सेलर सूची (कथा श्रेणी) में टॉप पाँच पुस्तकों में जगह बनाए हुए है. किन्नर जीवन पर लिखे इस उपन्यास पर कई जगह शोधपत्र भी लिखे जा रहे है. हाल ही में इन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा युवा लेखन पुरस्कार -2017 जिसे बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ पुरस्कार कहा जाता है प्रदान करने की घोषणा हुई है. जिसे 30 दिसंबर 2018 को माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा प्रदान किया जाएगा.

आपका जन्म 30 अगस्त 1990 को कानपुर में हुआ था. जब आप दो वर्ष के थे तो आपके पिता जी का स्वर्गवास हो गया था. अट्ठाईस बरस से पहले ही इनकी पांच क़िताबे प्रकाशित हो चुकी है और छठवीं लगभग लिखी जा चुकी है. जिनमें से तीन उपन्यास ‘द परफेक्ट लव’, ‘एक रिश्ता बेनाम सा’ और ‘ज़िन्दगी 50-50’ एवं दो मोटिवेशनल पुस्तक ‘कामयाबी के अनमोल रहस्य’ और ‘तुम्हे जीतना ही होगा’  है. कंप्यूटर साइंस से बीटेक की डिग्री हासिल करने वाले भगवंत अनमोल ने तीन साल ACCENTURE नामक मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टवेर इंजिनियर के तौर पर काम किया. जब वहाँ से मन भर गया तो झोला उठाकर कानपुर वापस चले आए और यहाँ हकलाने वाले बच्चो की मदद करने के लिए स्पीच थेरेपी चलाने लगे. अब आप अगली किताब ‘बाली उमर’ पर काम कर रहे है, जिसके प्रकाशन के लिए ‘राजपाल एंड संज’ से अनुबंध हो चुका है और वह अगले साल प्रकाशित होगी.

उपंन्यासो की तिकड़ी– द परफेक्ट लव, एक रिश्ता बेनाम सा, ज़िन्दगी 50-50

मोटिवेशनल पुस्तक की दुकड़ी– कामयाबी के अनमोल रहस्य, तुम्हे जीतना ही होगा

आप इन्हें ईमेल करके तंग भी कर सकते है-

bhagwantnovelwritter@gmail.com
contact@bhagwantanmol.com

जब दिल न लगे दिलदार, हमारी गली चले आना