गर्मियों की छुट्टी और मेरा चाँद

हर किसी को अपनी वह एकतरफा मोहब्बत (कुछ ने दो तरफ भी कर ली होगी ) याद होगी। जब आप गर्मी की छुट्टियों में मामा/नाना/फूफा/मौसी/मौसा के यहाँ जाया करते थे या फिर आपके मोहल्ले की रौनक कुछ समय के लिए बढ़ जाया करती थी। आपके पड़ोस में शर्मा/वर्मा/दुबे जी के यहाँ वह फूल हर वर्ष उसी वक्त पर खिल जाया करता था। जिसका आप [...]

नोटबंदी, हम और मोदी जी।

एक हमारे सत्तू भैया रहे। सत्तू भैया नहीं समझते ? सतवीर सिंह चंदेल, उनका पूरा नाम रहा। नोटबंदी के भरपूर समर्थक। सोते हुए भी कोई नोटबंदी की बात छेड़ दे तो वो तुरंत समर्थन करने लगते थे। ठीक मोदी जी की भांति उनका भी मानना यही था कि नोटबंदी से पूरा कालाधन तो नहीं पर हाँ कुछ बहुत कालाधन तो वापस आ ही जाएगा। [...]

फिल्म धोनी की समीक्षा, अनमोल की जुबानी

एम् एस धोनी, भारतीय क्रिकेट टीम के इतिहास का एक ऐसा नाम जो स्वर्णिम अक्षरो में दर्ज हो चूका है। भारतीय क्रिकेट को इतनी ऊंचाइयों पर ले जाने वाले इस कप्तान के ऊपर बनी फिल्म का हर क्रिकेट फैन को इंतज़ार था। मैं भी उन फैन से बिलकुल अलग नहीं था। एम् एस धोनी की उपलब्धियां इस मायने में भी बड़ी हो जाती है [...]

फेसबुक पर हिंदी लेखक – भगवंत अनमोल

अगर आप फेसबुक पर है तो हो सकता है। यह कहानी आपको अपनी कहानी लगे, या फिर किसी आपके मित्र की लगे या फिर आप मेरी समझ बैठे। मैं साफ़ कर दूं कि इस कहानी का किसी विशेष व्यक्ति से कोई लेना देना नहीं है। हिंदी के एक सुप्रसिद्ध, चिर परिचित, नामचीन लेखक है 'सुधांशू कुमार घोषला'। पर यह नाम कूल नहीं लगता न [...]

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