तुम्हे जीतना ही होगा

यह किताब दो युवाओ द्वारा लिखी गयी है, एक अरुणेन्द्र सोनी जो छियालीस वर्ष के हैं और दूसरे भगवंत अनमोल जो कि छब्बीस वर्ष के हैं. आप सोच रहे होंगे कि छियालीस वर्ष का व्यक्ति और छब्बीस वर्ष का व्यक्ति दोनों एक साथ युवा कैसे हो सकते है?

जी हाँ, युवा एक सोच है, वह सोच जो नयी चीज़ों, नयी घटनाओ, नए बदलावों को तुरंत स्वीकार कर लेता है और उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने लगता है। युवा वह है जिसने स्मार्ट फ़ोन,कंप्यूटर, लैपटॉप, फेसबुक, ट्विटर को सहर्ष स्वीकार कर लिया हो और उनके अनुरूप ढल गया हो. युवा नए बदलावों के प्रति कठोर नहीं होता है. वह कभी इस तरह बात नहीं करता कि हमारे जमाने में यह सब नहीं था, हमें इसकी आदत नहीं है. अगर आप भी नयी चीज़ों, नए बदलाव को सहर्ष स्वीकार करके, आज के टेक्नोलॉजी के साथ कदम से कदम बढ़ाकर चल रहे है, तो यह किताब आपके लिए ही है, आप भी युवा है. हर वह व्यक्ति युवा है, जिसने आजकल के युवाओ की सोच को समझा हो और उनकी जरूरतों को. भले ही आपकी उम्र 60 वर्ष हो या 20 वर्ष.

Release Date- October, 2017
ISBN- 978-93-86303-37-0
Publisher- Indra Publishing House, Bhopal
Genre- Self-Help
Format- Paperback
Language- Hindi
Price-145/-

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